गलियाँ: विकास के प्रयास में खो ना जाए जीने का एहसास

आज कोई भी व्यक्ति किसी देश के अन्य शहर में घूमने जाता हैं तो सबसे पहले वहाँ के बारे में क्या विशिष्ट हैं वह जान लेता हैं। वह सूची बना लेता हैं की में यहाँ जाऊँगा, यह देखूँगा, यह खाऊँगा, इसमें सवारी करूँगा वगेरह। भारत का हर एक प्रांत या हर एक राज्य अपनी अलग अलग जगहों के अनुभवों के लिए विख्यात हैं। विभिन्न तरह का खानपान, रास्ते, कपड़े, भाषा, तौर तरीक़ों और वहाँ की गलियाँ जिनके लिए जाना जाता हैं। व्यक्तिगत रूप से में किसी भी शहर को उनकी गलियों से आंकता हूँ। इसलिए तो भारत को विविध संस्कृति का एक मेला कहा जाता हैं। 

लेकिन आज धीरे धीरे ही सही हर जगह एक जैसी दिखने लगी हैं। वहीं लम्बी इमारतें, सड़कों पर रेंगती गाड़ियाँ, एक ही फ़ूड चेन के अनेको रेस्टोरेंट जिनमे मिलने वाला वहीं एक सा खाना। अरे लेकिन यह तो विकास हैं ना। बड़े बड़े मॉल जिनमे हमें दुनियाभर की सारी वस्तुएँ आसानी से प्राप्त होती हैं। और इससे हमारे देश के लोगों के जीवन स्तर में काफ़ी सुधार आया हैं। तो क्या में यह विकास के विरुध सोच रखने वाला एक भोला लड़का हूँ? शायद हाँ। शायद मेरे पिछले ब्लॉग की तरह में इस्स विषय में भी दोगला हूँ लेकिन यह सच हैं की देश के कई राज्यों में जाकर भले ही लोग, अदब और भाषा बदल जाएँ लेकिन मुझे वहाँ बाहर निकलकर रास्ते पर अलग कुछ नया देखने का एहसास कम ही होता हैं। 

में आज भी वाराणसी में जाके काशी चाट भंडार की दुकान में जाकर चाट खाना पसंद करूँगा और नाहीं डोमिनोज में जाकर पिज़्ज़ा खाऊँगा। शायद यह उदाहरण यथार्थ नहीं हैं लेकिन हो सकता हैं आज से कुछ बरसो बाद तेज़ी से होते शहरीकरण के चलते यह बात सच हो जाए। और मैंने वाराणसी का उदाहरण इसलिए रखा क्यूँकि वह हमारे देश का सबसे पुराना और शायद विश्व में भी अनेक पुराने शहर जहाँ लोगों ने बसना शुरू किया उन्मे से एक हैं। और में हमेशा चाहूँगा की हर एक छोटे क़सबे और उनकी गालियाँ मुझे भोचक करें।

वसुधैव कुटुम्बकम यह अवश्य में मानता हूँ लेकिन हर देश, हर राज्य, हर क़सबे हर गली की विविधता ही हमें जीवन को जीने के अनेक तरीक़े सिखाती हैं। और शायद जिस दिन हम इन अनुभवों से हैरान ना हो शायद हम जीना भूल गए हैं।

Published by

Jaideep Lalchandani

Jaideep Lalchandani has studied Journalism from Mumbai University. He loves to read and research about work that matters for the masses and not only the classes. Empowering U is a platform where he brings his creative freedom to write and criticise the status quo with precise information. He also shares his views on the current affairs on any random topics. He feels India needs to share the correct information amidst the growing threat of misinformation being spread.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s